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ज्वालामुखी स्थलाकृतियाँ (Volcanic Landforms)

1. परिचय (Introduction)

ज्वालामुखी विस्फोट पृथ्वी की सतह को नया आकार देने वाली एक शक्तिशाली प्रक्रिया है। जब पिघला हुआ मैग्मा पृथ्वी के आंतरिक भाग से बाहर निकलता है, तो यह ठंडा होकर जम जाता है और विभिन्न प्रकार की भू-आकृतियों का निर्माण करता है। इन स्थलाकृतियों को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: बहिर्भेदी (Extrusive), जो सतह पर बनती हैं, और अंतर्भेदी (Intrusive), जो सतह के नीचे बनती हैं।

2. बहिर्भेदी ज्वालामुखी स्थलाकृतियाँ (Extrusive Volcanic Landforms)

ये स्थलाकृतियाँ तब बनती हैं जब लावा पृथ्वी की सतह पर पहुँचकर ठंडा और ठोस हो जाता है।

A. ज्वालामुखी शंकु (Volcanic Cones)

  • शील्ड शंकु (Shield Cones): कम चिपचिपे, बेसाल्टिक लावा के शांत प्रवाह से बनते हैं। ये चौड़े और कम ढलान वाले होते हैं। उदाहरण: हवाई द्वीप के ज्वालामुखी।
  • सिंडर शंकु (Cinder Cones): विस्फोटक विस्फोटों से निकले राख, सिंडर और लावा के टुकड़ों के जमाव से बने छोटे और खड़ी ढलान वाले शंकु।
  • मिश्रित शंकु (Composite Cones or Stratovolcanoes): गाढ़े, अम्लीय लावा और पाइरोक्लास्टिक पदार्थों की वैकल्पिक परतों से बने क्लासिक, खड़ी ढलान वाले ज्वालामुखी। उदाहरण: माउंट फुजी (जापान)।

B. क्रेटर और काल्डेरा (Craters and Calderas)

  • क्रेटर (Crater): ज्वालामुखी के शीर्ष पर एक कटोरे के आकार का गड्ढा, जो आमतौर पर एक किलोमीटर से कम व्यास का होता है।
  • काल्डेरा (Caldera): एक बहुत बड़ा, धँसा हुआ गड्ढा (कई किलोमीटर चौड़ा) जो एक विशाल विस्फोटक विस्फोट के बाद मैग्मा कक्ष के खाली होने और ऊपर की संरचना के ढह जाने से बनता है।

C. लावा पठार (Lava Plateaus)

  • इन्हें बाढ़ बेसाल्ट प्रांत (Flood Basalt Provinces) भी कहा जाता है।
  • ये लंबी दरारों से अत्यधिक तरल बेसाल्टिक लावा के शांत और व्यापक प्रवाह से बनते हैं। लावा की कई परतें जमा होकर एक मोटा, सीढ़ीदार पठार बनाती हैं।
  • उदाहरण: भारत का दक्कन ट्रैप, कोलंबिया पठार (यूएसए)।

3. अंतर्भेदी ज्वालामुखी स्थलाकृतियाँ (Intrusive Volcanic Landforms)

ये स्थलाकृतियाँ तब बनती हैं जब मैग्मा भूपर्पटी के भीतर ही ठंडा और ठोस हो जाता है। ये केवल तब दिखाई देती हैं जब ऊपर की चट्टानें अपरदन (Erosion) द्वारा हटा दी जाती हैं। इन्हें प्लूटोनिक (Plutonic) चट्टानें भी कहा जाता है।

A. बैथोलिथ (Batholiths)

  • ये बहुत बड़ी, अनियमित आकार की अंतर्भेदी संरचनाएं हैं जो मैग्मा कक्षों के जमने से बनती हैं।
  • ये कई पर्वत श्रृंखलाओं का कोर बनाते हैं।
  • उदाहरण: सिएरा नेवादा बैथोलिथ (कैलिफोर्निया)।

B. लैकोलिथ (Laccoliths)

  • ये मशरूम या गुंबद के आकार की संरचनाएं हैं जो तब बनती हैं जब गाढ़ा मैग्मा ऊपर की चट्टानी परतों को ऊपर की ओर धकेलता है।
  • उदाहरण: कर्नाटक का पठार लैकोलिथ संरचनाओं से युक्त है।

C. सिल और डाइक (Sills and Dykes)

  • सिल (Sill): यह मैग्मा का एक क्षैतिज (Horizontal) या चादर जैसा जमाव है जो अवसादी चट्टानों की परतों के समानांतर जमता है।
  • डाइक (Dyke): यह मैग्मा का एक लंबवत (Vertical) या झुका हुआ जमाव है जो चट्टानों की परतों को काटता है। ये अक्सर ज्वालामुखी के लिए फीडर के रूप में काम करते हैं।
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