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महासागरों से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे (Environmental Issues Related to Oceans)

1. परिचय: एक विशाल लेकिन कमजोर प्रणाली

महासागर, जो पृथ्वी की जलवायु और जीवन समर्थन प्रणालियों की कुंजी हैं, अपनी विशालता के बावजूद मानवीय गतिविधियों के प्रति संवेदनशील हैं। 21वीं सदी में, वे जलवायु परिवर्तन, बड़े पैमाने पर प्रदूषण, और अस्थिर संसाधन निष्कर्षण के तिहरे संकट का सामना कर रहे हैं। ये मुद्दे वैश्विक स्तर पर परस्पर जुड़े हुए हैं और पूरे ग्रह के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

2. जलवायु परिवर्तन: ‘दोहरे संकट’

महासागर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को झेलने में सबसे आगे हैं, विशेष रूप से गर्मी और कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करके।

A. महासागरीय तापन और समुद्री हीटवेव

महासागरों ने अब तक 90% से अधिक अतिरिक्त गर्मी को अवशोषित किया है जो ग्रीनहाउस गैसों द्वारा फँसाई गई है। इससे न केवल समुद्र की सतह का तापमान बढ़ रहा है, बल्कि समुद्री हीटवेव (Marine Heatwaves) – यानी अत्यधिक गर्मी की विस्तारित अवधि – की आवृत्ति और तीव्रता भी बढ़ रही है। ये हीटवेव प्रवाल विरंजन (Coral Bleaching), मछली की आबादी के विस्थापन और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के पतन का कारण बन रही हैं।

B. महासागरीय अम्लीकरण

यह जलवायु परिवर्तन का “दूसरा CO₂ संकट” है। जब महासागर CO₂ को अवशोषित करते हैं, तो पानी की केमिस्ट्री बदल जाती है, जिससे वह अधिक अम्लीय हो जाता है। यह महासागरीय अम्लीकरण (Ocean Acidification) प्रवाल, शंख, और कई प्रकार के प्लैंकटन जैसे जीवों के लिए अपने खोल और कंकाल बनाना मुश्किल बना देता है, जो समुद्री खाद्य वेब की नींव को कमजोर करता है।

3. बड़े पैमाने पर प्रदूषण

[Image of the Great Pacific Garbage Patch]

A. प्लास्टिक प्रदूषण और महासागरीय चक्रवात (Gyres)

भूमि से बहकर आने वाला प्लास्टिक कचरा बड़ी समुद्री धाराओं के वृत्ताकार प्रणालियों, जिन्हें महासागरीय चक्रवात (Ocean Gyres) कहा जाता है, में जमा हो जाता है। इसका सबसे कुख्यात उदाहरण ग्रेट पैसिफिक गारबेज पैच है। यह मलबा समुद्री जीवन को नुकसान पहुँचाता है और अंततः माइक्रोप्लास्टिक्स में टूट जाता है, जो पूरे समुद्री वातावरण और खाद्य श्रृंखला में फैल गया है।

B. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)

जहाजों, सोनार उपकरणों और अपतटीय निर्माण से होने वाला मानव-जनित शोर समुद्री वातावरण में एक अदृश्य लेकिन व्यापक प्रदूषक है। यह व्हेल और डॉल्फ़िन जैसे समुद्री स्तनधारियों के संचार, नेविगेशन और प्रजनन को गंभीर रूप से बाधित करता है, जो ध्वनि पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं।

4. संसाधन निष्कर्षण और उभरते खतरे

A. अत्यधिक मछली पकड़ना (Overfishing)

औद्योगिक पैमाने पर मछली पकड़ने के बेड़े, अक्सर विनाशकारी तरीकों जैसे बॉटम ट्रॉलिंग (Bottom Trawling) का उपयोग करते हुए, दुनिया के मछली स्टॉक को उनकी पुनर्प्राप्ति की क्षमता से कहीं अधिक तेजी से समाप्त कर रहे हैं। इससे न केवल खाद्य सुरक्षा को खतरा है, बल्कि यह संपूर्ण समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को भी बिगाड़ता है।

B. गहरा समुद्री खनन (Deep-Sea Mining)

यह एक उभरता हुआ उद्योग है जो गहरे समुद्र के तल से पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स, कोबाल्ट क्रस्ट्स, और सल्फाइड डिपॉजिट्स जैसे खनिजों को निकालना चाहता है। ये खनिज बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए मूल्यवान हैं। हालांकि, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि खनन से अद्वितीय और धीमी गति से बढ़ने वाले गहरे समुद्र के पारिस्थितिक तंत्रों को अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है, जिनके बारे में हम अभी भी बहुत कम जानते हैं।

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