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जूट (Jute)

1. परिचय (Introduction)

जूट (Jute) भारत की एक महत्वपूर्ण नकदी और रेशेदार फसल है। अपने चमकीले सुनहरे रंग के कारण इसे ‘गोल्डन फाइबर’ (Golden Fibre) के नाम से जाना जाता है। यह कपास के बाद भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण फाइबर फसल है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बोरे, टाट, रस्सी और पैकिंग सामग्री बनाने में होता है।

2. जलवायु आवश्यकताएँ (Climatic Requirements)

  • तापमान: इसे वृद्धि के दौरान 24°C से 35°C के बीच उच्च तापमान और उच्च आर्द्रता की आवश्यकता होती है।
  • वर्षा: इसके लिए 150 सेमी से 250 सेमी की भारी वार्षिक वर्षा आवश्यक है।
  • मिट्टी: नदी घाटियों की नई जलोढ़ मिट्टी (New Alluvial Soil), जो हर साल बाढ़ से नवीनीकृत होती रहती है, इसकी खेती के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।

3. प्रमुख उत्पादक राज्य (Major Producing States)

जूट की खेती मुख्य रूप से पूर्वी भारत के राज्यों में केंद्रित है:

  1. पश्चिम बंगाल (कुल उत्पादन का 75% से अधिक, सबसे बड़ा उत्पादक)
  2. बिहार
  3. असम
  4. ओडिशा
  5. मेघालय

हुगली बेसिन, पश्चिम बंगाल, जूट उत्पादन का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

4. फसल मौसम (Crop Season)

जूट एक खरीफ फसल है।

  • बुवाई का समय: मार्च-अप्रैल (पूर्व-मानसून वर्षा के साथ)।
  • कटाई का समय: जुलाई से सितंबर।

5. उन्नत किस्में (High Yielding Varieties – HYVs)

जूट की दो मुख्य किस्में हैं:

  • सफेद जूट (White Jute): JRC-212, JRC-321
  • टोसा जूट (Tossa Jute): JRO-524 (Navin), JRO-878. टोसा जूट की गुणवत्ता बेहतर मानी जाती है।

6. कृषि प्रथाएँ (Agricultural Practices)

  • श्रम: जूट की खेती अत्यधिक श्रम-गहन होती है।
  • रेटिंग (Retting): यह जूट के रेशे को निकालने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कटाई के बाद, जूट के डंठलों के बंडलों को कई दिनों तक रुके हुए या धीरे बहते पानी में डुबोया जाता है। इस प्रक्रिया में सूक्ष्मजीव पौधे के ऊतकों को नरम करते हैं, जिससे रेशे को तने से अलग करना आसान हो जाता है। रेशे की गुणवत्ता रेटिंग की प्रक्रिया पर बहुत निर्भर करती है।

7. उत्पादन और उपज (Production and Yield)

  • उत्पादन: भारत दुनिया में जूट का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • विभाजन का प्रभाव: 1947 में भारत के विभाजन के बाद, जूट उत्पादक क्षेत्रों का एक बड़ा हिस्सा पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में चला गया, जबकि अधिकांश जूट मिलें भारत (पश्चिम बंगाल) में रह गईं, जिससे भारतीय जूट उद्योग के लिए कच्चे माल का संकट पैदा हो गया था।

8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)

  • जूट एक खरीफ फसल और एक प्रमुख रेशेदार फसल है।
  • इसे ‘गोल्डन फाइबर’ कहा जाता है।
  • इसके लिए नई जलोढ़ मिट्टी और उच्च तापमान तथा भारी वर्षा की आवश्यकता होती है।
  • पश्चिम बंगाल भारत का सबसे बड़ा जूट उत्पादक राज्य है।
  • भारत दुनिया में जूट का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • रेटिंग (Retting) जूट के रेशे को निकालने की प्रक्रिया है।

9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)

  • केंद्रीय जूट और संबद्ध फाइबर अनुसंधान संस्थान (Central Research Institute for Jute and Allied Fibres – CRIJAF) बैरकपुर, पश्चिम बंगाल में स्थित है।
  • जूट एक बायोडिग्रेडेबल और पर्यावरण-अनुकूल फाइबर है।
  • जूट उद्योग को प्लास्टिक जैसे सिंथेटिक फाइबर से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
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