Gyan Pragya
No Result
View All Result
  • Quiz
  • Polity
  • Geography
  • Economics
  • Science
  • Uttarakhand
  • GK
  • History
  • Environment
  • Hindi
Gyan Pragya
No Result
View All Result

घाटियों के गठन की प्रक्रियाएँ (Processes of Valley Formation)

1. परिचय (Introduction)

घाटियों का निर्माण पृथ्वी की सतह पर काम करने वाली विभिन्न भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का परिणाम है। ये प्रक्रियाएँ मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं: बहिर्जात बल (Exogenetic Forces), जैसे नदी और हिमनद का अपरदन, और अंतर्जात बल (Endogenetic Forces), जैसे विवर्तनिक गतिविधियाँ। इन प्रक्रियाओं की समझ से ही विभिन्न प्रकार की घाटियों की विशेषताओं को समझा जा सकता है।

2. बहिर्जात प्रक्रियाएँ (Exogenetic Processes)

ये प्रक्रियाएँ पृथ्वी की सतह पर होती हैं और अपरदन तथा निक्षेपण के माध्यम से भू-दृश्यों को आकार देती हैं।

A. नदीय प्रक्रिया (Fluvial Process) – V-आकार की घाटी का निर्माण

  • लंबवत अपरदन (Vertical Erosion): पहाड़ी क्षेत्रों में, जहाँ ढलान तीव्र होती है, नदियाँ अपनी युवा अवस्था में होती हैं। उनका वेग अधिक होता है, जिससे वे अपनी ऊर्जा का अधिकांश उपयोग अपनी तली को काटने में करती हैं। इस प्रक्रिया को लंबवत अपरदन या निम्नवर्ती कटाव (Downcutting) कहते हैं।
  • अपरदन के तंत्र: नदी यह कार्य अपघर्षण (Abrasion) – कंकड़-पत्थरों को औजार की तरह इस्तेमाल करना, संक्षारण (Corrosion) – रासायनिक क्रिया, और जलगति क्रिया (Hydraulic Action) – जल के बल से चट्टानों को तोड़ना, के माध्यम से करती है।
  • परिणाम: तीव्र लंबवत अपरदन और अपेक्षाकृत कम पार्श्व अपरदन के कारण, एक गहरी और संकरी घाटी बनती है जिसके किनारे तीव्र ढाल वाले होते हैं, जो V-आकार की दिखती है।

B. हिमनदीय प्रक्रिया (Glacial Process) – U-आकार की घाटी का निर्माण

  • मौजूदा घाटी का रूपांतरण: हिमनद आमतौर पर नई घाटियाँ नहीं बनाते, बल्कि पहले से मौजूद नदी घाटियों (V-आकार) को संशोधित करते हैं।
  • अपरदन के तंत्र: हिमनद दो मुख्य तरीकों से अपरदन करते हैं: उत्पाटन (Plucking) – बर्फ के जमने और पिघलने से चट्टानों के टुकड़ों को उखाड़ना, और अपघर्षण (Abrasion) – बर्फ में जमे हुए चट्टानी मलबे से घाटी के तल और किनारों को खुरचना।
  • पार्श्विक और तलीय अपरदन: नदी के विपरीत, हिमनद एक चौड़ा और भारी पिंड होता है जो घाटी के तल के साथ-साथ किनारों पर भी समान रूप से शक्तिशाली अपरदन करता है। यह V-आकार की घाटी के कोनों को काटकर उसे सीधा और सपाट कर देता है, और तल को चौड़ा कर देता है।
  • परिणाम: इस प्रक्रिया से एक चौड़े, सपाट तल और लगभग ऊर्ध्वाधर, सीधे किनारों वाली घाटी का निर्माण होता है, जो U-आकार की दिखती है।

3. अंतर्जात प्रक्रिया (Endogenetic Process)

यह प्रक्रिया पृथ्वी के भीतर से उत्पन्न होने वाली शक्तियों के कारण होती है।

A. भ्रंशन (Faulting) – भ्रंश घाटी का निर्माण

  • तनावमूलक बल (Tensional Forces): जब विवर्तनिक प्लेटें एक-दूसरे से दूर जाती हैं (अपसारी गति), तो पृथ्वी की पपड़ी में तनाव उत्पन्न होता है।
  • सामान्य भ्रंश (Normal Faults): यह तनाव चट्टानों में दरारें पैदा करता है, जिन्हें भ्रंश (Faults) कहते हैं। तनाव के कारण दो समानांतर भ्रंशों के बीच का भू-भाग नीचे की ओर धँस जाता है।
  • ग्रैबेन का निर्माण: नीचे धँसे हुए इस खंड को ग्रैबेन (Graben) या भ्रंश घाटी कहा जाता है, और इसके दोनों ओर खड़े ऊँचे भू-भाग को हॉर्स्ट (Horst) या ब्लॉक पर्वत कहा जाता है।
  • परिणाम: इस प्रक्रिया से एक लंबी, सीधी और गहरी घाटी का निर्माण होता है जिसके किनारे खड़ी भ्रंश-कगार (Fault Scarps) होते हैं। पूर्वी अफ्रीका की महान भ्रंश घाटी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

4. सारांश: घाटी निर्माण की प्रमुख प्रक्रियाएँ

प्रक्रिया कारक प्रमुख क्रियाविधि परिणामी घाटी उदाहरण
नदीय (Fluvial) नदी लंबवत अपरदन (Downcutting) V-आकार की घाटी, गॉर्ज, कैन्यन कोलोराडो नदी का ग्रैंड कैन्यन
हिमनदीय (Glacial) हिमनद उत्पाटन (Plucking) और अपघर्षण (Abrasion) U-आकार की घाटी, लटकती घाटी आल्प्स और हिमालय की घाटियाँ
विवर्तनिक (Tectonic) तनावमूलक बल भ्रंशन (Faulting) और धँसाव भ्रंश घाटी (Rift Valley) पूर्वी अफ्रीका, नर्मदा घाटी
Previous Post

घाटियाँ (Valleys)

Next Post

घाटियों का आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व (Economic and Environmental Significance of Valleys)

Next Post

घाटियों का आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व (Economic and Environmental Significance of Valleys)

मरुस्थल (Deserts)

विश्व और भारत के प्रमुख मरुस्थल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

क्या परीक्षा के नाम से हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं?

December 15, 2025

क्या आपका दिमाग भी पढ़ाई में धोखा देता है?

December 13, 2025

UPSC और PCS की तैयारी में एआई का सही उपयोग कैसे करें?

December 13, 2025

हिंदी व्याकरण में वाक्य रचना और उपवाक्य

November 30, 2025

जनजातीय गौरव दिवस: 15 नवंबर | भगवान बिरसा मुंडा की गाथा

November 15, 2025

हिंदी व्याकरण: उपसर्ग और प्रत्यय के भेद

October 9, 2025
  • Contact us
  • Disclaimer
  • Terms of Service
  • Privacy Policy
: whatsapp us on +918057391081 E-mail: setupragya@gmail.com
No Result
View All Result
  • Quiz
  • Static Gk
  • Polity
  • Hindi
  • Geography
  • Economics
  • General Science
  • Uttarakhand
  • History
  • Environment
  • Computer
  • Contact us

© 2024 GyanPragya - ArchnaChaudhary.