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सर्वनाम और उसके भेद

परिभाषा

सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं। इनका उपयोग वाक्यों में संज्ञा की पुनरावृत्ति (बार-बार आने) को रोकने के लिए किया जाता है, जिससे वाक्य अधिक सहज और सुंदर बनते हैं।
उदाहरण: राम खेलता है। वह अच्छा खिलाड़ी है। (यहाँ ‘वह’ सर्वनाम है, जो ‘राम’ के स्थान पर आया है।)

सर्वनाम के भेद (Types of Pronouns)

हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के मुख्य रूप से छह भेद होते हैं:

  • 1. पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun): जो सर्वनाम वक्ता (बोलने वाले), श्रोता (सुनने वाले) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग होते हैं। इसके तीन उपभेद हैं:
    • उत्तम पुरुष (First Person): बोलने वाला स्वयं के लिए प्रयोग करता है। (मैं, हम, मेरा, हमारा, मुझे)
    • मध्यम पुरुष (Second Person): सुनने वाले के लिए प्रयोग होता है। (तू, तुम, आप, तेरा, तुम्हारा, आपको)
    • अन्य पुरुष (Third Person): जिसके बारे में बात की जा रही हो। (वह, वे, यह, ये, उसे, उन्हें)

    उदाहरण: मैं पढ़ रहा हूँ। तुम कहाँ जा रहे हो? वह खेल रहा है।
  • 2. निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronoun): जो सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराएँ।
    उदाहरण: यह मेरी किताब है। वह उसका घर है। (निश्चितता दर्शाते हैं)
  • 3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronoun): जो सर्वनाम किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराएँ।
    उदाहरण: कोई आ रहा है। दूध में कुछ गिर गया है। (अनिश्चितता दर्शाते हैं)
  • 4. संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronoun): जो सर्वनाम वाक्य में आए दूसरे सर्वनाम या संज्ञा से संबंध बताते हैं।
    उदाहरण: जो बोएगा, सो काटेगा। जैसा करोगे, वैसा भरोगे।
  • 5. प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronoun): जो सर्वनाम प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
    उदाहरण: कौन आया है? क्या कर रहे हो?
  • 6. निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronoun): जो सर्वनाम कर्ता स्वयं के लिए प्रयोग करता है।
    उदाहरण: मैं स्वयं चला जाऊँगा। वह अपने आप काम कर लेगा।

सर्वनाम का महत्व

सर्वनाम हिंदी भाषा को सरल, संक्षिप्त और प्रभावी बनाते हैं। इनके प्रयोग से वाक्यों में संज्ञा की बार-बार पुनरावृत्ति से बचा जा सकता है, जिससे भाषा में प्रवाह और सुंदरता आती है। सर्वनाम भाषा को अधिक गतिशील और समझने में आसान बनाते हैं।

निष्कर्ष

सर्वनाम हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विभिन्न भेदों और उनके सही प्रयोग को समझकर हम अपनी भाषा को अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बना सकते हैं। यह हमें वाक्यों को अधिक सहज और सुंदर तरीके से लिखने में मदद करते हैं।

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