1. परिचय: सहायक नदियाँ
एक सहायक नदी (Tributary) वह धारा या नदी है जो एक बड़ी, मुख्य धारा या नदी में जाकर मिलती है। सहायक नदियाँ मुख्य नदी के जल ग्रहण क्षेत्र (catchment area) को बढ़ाती हैं और उसके जल की मात्रा में वृद्धि करती हैं। मुख्य नदी की प्रवाह दिशा के आधार पर सहायक नदियों को बाएँ तट (Left-Bank) और दाएँ तट (Right-Bank) की सहायक नदियों में वर्गीकृत किया जाता है।
2. गंगा नदी तंत्र की सहायक नदियाँ
A. गंगा की बाएँ तट की सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | संगम स्थल और तथ्य |
|---|---|---|
| रामगंगा | उत्तराखंड में गढ़वाल की पहाड़ियाँ | कन्नौज (उ.प्र.) के पास गंगा में मिलती है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से होकर बहती है। |
| गोमती | गोमत ताल (फुलहर झील), पीलीभीत (उ.प्र.) | गाजीपुर के पास गंगा में मिलती है। लखनऊ और जौनपुर इसके तट पर स्थित हैं। |
| घाघरा (सरयू) | तिब्बत में मापचाचुंगो ग्लेशियर | छपरा (बिहार) के पास गंगा में मिलती है। शारदा और राप्ती इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ हैं। |
| गंडक | नेपाल हिमालय | सोनपुर (पटना के पास) में गंगा से मिलती है। इसे नेपाल में ‘नारायणी’ भी कहते हैं। |
| कोसी | नेपाल-तिब्बत सीमा | भागलपुर (बिहार) के पास गंगा में मिलती है। इसे ‘बिहार का शोक’ कहते हैं। |
| महानंदा | दार्जिलिंग की पहाड़ियाँ | यह गंगा की सबसे पूर्वी सहायक नदी है, जो पश्चिम बंगाल में मिलती है। |
B. गंगा की दाएँ तट की सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | संगम स्थल और तथ्य |
|---|---|---|
| यमुना | बंदरपूँछ श्रेणी में यमुनोत्री ग्लेशियर | प्रयागराज (इलाहाबाद) में गंगा से मिलती है। यह गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी है। |
| सोन | मध्य प्रदेश में अमरकंटक पठार | पटना के पास दानापुर में गंगा से मिलती है। यह पठारी क्षेत्र से निकलने वाली एक प्रमुख नदी है। |
| दामोदर | छोटा नागपुर पठार | पश्चिम बंगाल में हुगली नदी में मिलती है। इसे ‘बंगाल का शोक’ कहा जाता था। |
C. यमुना की सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | तट | संगम स्थल |
|---|---|---|---|
| चंबल | मध्य प्रदेश में जानापाव पहाड़ी (विंध्य श्रेणी) | दायाँ | इटावा (उ.प्र.) के पास यमुना में मिलती है। |
| सिंध | मालवा का पठार, मध्य प्रदेश | दायाँ | जालौन (उ.प्र.) के पास यमुना में मिलती है। |
| बेतवा | विंध्य श्रेणी, मध्य प्रदेश | दायाँ | हमीरपुर (उ.प्र.) के पास यमुना में मिलती है। |
| केन | कैमूर श्रेणी, मध्य प्रदेश | दायाँ | बांदा (उ.प्र.) के पास यमुना में मिलती है। |
3. सिंधु नदी तंत्र की सहायक नदियाँ
A. पूर्वी सहायक नदियाँ (पंचनद)
| नदी | उद्गम | संगम स्थल और तथ्य |
|---|---|---|
| सतलुज | राकस ताल, तिब्बत | ब्यास को शामिल करने के बाद पाकिस्तान में चिनाब से मिलती है। |
| ब्यास | ब्यास कुंड, रोहतांग दर्रा | हरिके (पंजाब) में सतलुज से मिलती है। |
| रावी | रोहतांग दर्रा, हिमाचल प्रदेश | पाकिस्तान में चिनाब नदी में मिलती है। |
| चिनाब | बारालाचा ला दर्रा, हिमाचल प्रदेश | यह सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी है। |
| झेलम | वेरीनाग झरना, कश्मीर | पाकिस्तान के झंग में चिनाब से मिलती है। |
4. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र की सहायक नदियाँ
A. ब्रह्मपुत्र की बाएँ तट की सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|
| दिबांग (सिकंग) | भारत-चीन सीमा (अरुणाचल प्रदेश) | सादिया के पास लोहित और दिहांग (ब्रह्मपुत्र) से मिलती है। |
| लोहित | पूर्वी तिब्बत | इसे ‘खून की नदी’ भी कहते हैं। भूपेन हजारिका सेतु इसी पर है। |
| धनसिरी | नागालैंड | असम में ब्रह्मपुत्र से मिलती है। |
B. ब्रह्मपुत्र की दाएँ तट की सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|
| सुबनसिरी | तिब्बत हिमालय | यह ब्रह्मपुत्र की सबसे बड़ी सहायक नदी है। |
| मानस | भूटान हिमालय | यह मानस राष्ट्रीय उद्यान से होकर बहती है। |
| तीस्ता | सिक्किम हिमालय (त्सो ल्हामो झील) | पहले यह गंगा की सहायक नदी थी, अब ब्रह्मपुत्र (जमुना) में मिलती है। |
5. प्रायद्वीपीय नदियों की सहायक नदियाँ
A. गोदावरी की सहायक नदियाँ
| नदी | तट | उद्गम |
|---|---|---|
| पूर्णा, प्राणहिता, इंद्रावती, सबरी | बायाँ | विभिन्न पठारी क्षेत्र |
| मंजरा | दायाँ | महाराष्ट्र |
प्राणहिता: यह पेनगंगा, वर्धा और वेनगंगा नदियों का संयुक्त प्रवाह है, और यह गोदावरी की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
B. कृष्णा की सहायक नदियाँ
| नदी | तट | उद्गम |
|---|---|---|
| भीमा, मूसी | बायाँ | पश्चिमी घाट, दक्कन का पठार |
| तुंगभद्रा, घाटप्रभा, मालप्रभा | दायाँ | पश्चिमी घाट |
तुंगभद्रा: यह कृष्णा की सबसे बड़ी सहायक नदी है। हैदराबाद शहर मूसी नदी के तट पर स्थित है।