1. परिचय (Introduction)
डेयरी फार्मिंग (Dairy Farming) या दुग्ध कृषि, कृषि की एक शाखा है जिसमें दूध और दूध से बने उत्पादों (दही, पनीर, मक्खन) के लिए मवेशियों (गायों, भैंसों) जैसे दुधारू पशुओं को पाला जाता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 24% हिस्सा है। यह भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
2. श्वेत क्रांति (White Revolution)
भारत में डेयरी क्षेत्र की सफलता का श्रेय ‘श्वेत क्रांति’ को दिया जाता है, जिसे ‘ऑपरेशन फ्लड’ (Operation Flood) के नाम से भी जाना जाता है।
- शुभारंभ: इसे 1970 में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) द्वारा शुरू किया गया था।
- जनक: डॉ. वर्गीज कुरियन को ‘भारत में श्वेत क्रांति का जनक’ कहा जाता है।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य दूध की कमी वाले देश को दुनिया के सबसे बड़े दूध उत्पादक देश में बदलना था। इसने किसानों को अपने स्वयं के विकास को निर्देशित करने में मदद की और उन्हें अपने द्वारा बनाए गए संसाधनों पर नियंत्रण दिया।
- आनंद मॉडल (अमूल): यह क्रांति गुजरात के ‘आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड’ (अमूल) के सहकारी मॉडल पर आधारित थी, जिसने दूध उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ा।
3. प्रमुख दुधारू पशु नस्लें (Major Milch Breeds)
| पशु | प्रमुख नस्लें |
|---|---|
| गाय (Cow) | स्वदेशी: गीर, साहीवाल, लाल सिंधी (ये रोग प्रतिरोधी हैं)। विदेशी/संकर: होल्स्टीन-फ्रेशियन (HF), जर्सी (ये अधिक दूध देती हैं)। |
| भैंस (Buffalo) | मुर्रा, मेहसाणा, जाफराबादी, नीली-रावी। |
भारत के कुल दूध उत्पादन में भैंसों का योगदान गायों से अधिक (लगभग 50% से अधिक) है।
4. प्रमुख दूध उत्पादक राज्य (Major Milk Producing States)
- उत्तर प्रदेश (सबसे बड़ा उत्पादक)
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- गुजरात
- आंध्र प्रदेश
5. सरकारी पहल (Government Initiatives)
- राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (National Programme for Dairy Development – NPDD): दूध की गुणवत्ता में सुधार और डेयरी प्रसंस्करण के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की एक योजना।
- राष्ट्रीय गोकुल मिशन: स्वदेशी गोजातीय नस्लों के संरक्षण और विकास पर केंद्रित है।
- डेयरी उद्यमिता विकास योजना (DEDS): डेयरी क्षेत्र में स्व-रोजगार पैदा करने और आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
6. आर्थिक महत्व (Economic Importance)
- ग्रामीण आय: डेयरी फार्मिंग भारत में करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए आय का एक प्रमुख और स्थिर स्रोत है।
- रोजगार: यह क्षेत्र, विशेष रूप से महिलाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार प्रदान करता है।
- पोषण सुरक्षा: दूध को एक संपूर्ण आहार माना जाता है, और यह देश की पोषण सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
- जीडीपी में योगदान: डेयरी क्षेत्र अकेले भारतीय कृषि जीडीपी में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है।
7. चुनौतियाँ (Challenges)
- कम उत्पादकता: भारत में प्रति पशु दूध उत्पादकता वैश्विक औसत से कम है।
- चारे की कमी: उच्च गुणवत्ता वाले हरे चारे और फ़ीड की कमी एक बड़ी चुनौती है।
- पशु रोग: खुरपका-मुंहपका (FMD) जैसे रोग पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन को प्रभावित करते हैं।
- अपर्याप्त कोल्ड चेन: दूध के खराब होने से बचाने के लिए कोल्ड स्टोरेज और रेफ्रिजरेटेड परिवहन की कमी।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)
- भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है।
- उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दूध उत्पादक राज्य है।
- श्वेत क्रांति (ऑपरेशन फ्लड) दूध उत्पादन से संबंधित है।
- डॉ. वर्गीज कुरियन को ‘श्वेत क्रांति का जनक’ कहा जाता है।
- अमूल (AMUL) सहकारी डेयरी मॉडल का एक सफल उदाहरण है।
9. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य (Other Important Facts)
- राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (National Dairy Development Board – NDDB) का मुख्यालय आनंद, गुजरात में है।
- राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (National Dairy Research Institute – NDRI) करनाल, हरियाणा में स्थित है।