परिचय: कृषि में सरकारी नीतियों की भूमिका
भारतीय कृषि अपनी प्रकृति में अनिश्चित है, जो मानसून, बाजार के उतार-चढ़ाव और अन्य कई जोखिमों पर निर्भर करती है। देश की लगभग आधी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। इन कारकों के कारण, भारतीय किसानों की आय को स्थिर करने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र के सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकारी हस्तक्षेप और नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
1. मूल्य और आय समर्थन नीतियां (Price and Income Support)
A. न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price – MSP)
यह किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से बचाने के लिए एक मूल्य-आधारित हस्तक्षेप है। सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर 23 फसलों के लिए बुवाई के मौसम से पहले MSP की घोषणा करती है। यदि बाजार मूल्य MSP से नीचे गिर जाता है, तो सरकार किसानों से MSP पर उपज खरीदती है, जिससे उन्हें एक मूल्य सुरक्षा मिलती है।
B. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
यह एक प्रत्यक्ष आय समर्थन (Direct Income Support) योजना है। इसके तहत, देश के सभी छोटे और सीमांत किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि आदानों और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करना है।
2. कृषि ऋण और बीमा (Agricultural Credit and Insurance)
A. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना
इस योजना का उद्देश्य किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने के लिए समय पर और सस्ती दर पर संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है। किसान अपनी कृषि और संबद्ध गतिविधियों (जैसे पशुपालन, मत्स्य पालन) की जरूरतों के लिए KCC के माध्यम से आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
B. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
यह एक व्यापक फसल बीमा योजना है जो किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीटों और बीमारियों के कारण फसल खराब होने की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें किसानों के लिए बहुत कम प्रीमियम दरें (खरीफ के लिए 2%, रबी के लिए 1.5% और बागवानी फसलों के लिए 5%) निर्धारित की गई हैं।
3. कृषि आदान और अवसंरचना (Inputs and Infrastructure)
A. उर्वरक सब्सिडी
सरकार किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कंपनियों को भारी सब्सिडी प्रदान करती है, खासकर यूरिया पर। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देना है।
B. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY)
इस योजना का आदर्श वाक्य “हर खेत को पानी” है। इसका उद्देश्य सिंचाई के तहत खेती के क्षेत्र का विस्तार करना, पानी की बर्बादी को कम करना और ‘प्रति बूंद अधिक फसल’ (Per Drop More Crop) के लिए सूक्ष्म-सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) को बढ़ावा देना है।
C. राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM)
यह एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है जिसका उद्देश्य मौजूदा APMC मंडियों को एक नेटवर्क में जोड़कर “एक राष्ट्र, एक बाजार” बनाना है। यह किसानों को अपनी उपज ऑनलाइन बेचने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने के लिए एक पारदर्शी मंच प्रदान करता है।
D. कृषि अवसंरचना कोष (Agriculture Infrastructure Fund)
यह एक वित्तपोषण सुविधा है जिसका उद्देश्य कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे (जैसे गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण इकाइयाँ) के निर्माण को बढ़ावा देना है ताकि फसल के बाद के नुकसान को कम किया जा सके।