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जैविक खेती (Organic Farming)

परिचय: जैविक खेती क्या है?

जैविक खेती (Organic Farming) कृषि की वह विधि है जो संश्लेषित (synthetic) उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग को पूरी तरह से नकारती है। इसका मुख्य आधार फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट, और जैविक कीट नियंत्रण जैसे प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करके मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा देना है। यह एक टिकाऊ कृषि प्रणाली है जो पर्यावरण, मनुष्यों और पशुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती है।

1. जैविक खेती के सिद्धांत और तकनीकें

A. मुख्य सिद्धांत

  • स्वास्थ्य का सिद्धांत: मिट्टी, पौधे, पशु और मनुष्य के स्वास्थ्य को बनाए रखना और बढ़ाना।
  • पारिस्थितिकी का सिद्धांत: जीवित पारिस्थितिक तंत्र और चक्रों के साथ काम करना, उनका अनुकरण करना और उन्हें बनाए रखने में मदद करना।
  • निष्पक्षता का सिद्धांत: साझा पर्यावरण और जीवन के अवसरों के संबंध में निष्पक्षता सुनिश्चित करना।

B. प्रमुख तकनीकें

  • फसल चक्र (Crop Rotation): मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कीटों के चक्र को तोड़ने के लिए एक ही खेत में अलग-अलग फसलें लगाना।
  • हरी खाद (Green Manure): मिट्टी में पोषक तत्वों को जोड़ने के लिए ढैंचा या मूंग जैसी फसलों को उगाकर खेत में ही जोत देना।
  • कम्पोस्ट और वर्मीकम्पोस्ट: जैविक कचरे और केंचुओं का उपयोग करके पोषक तत्वों से भरपूर खाद तैयार करना।
  • जैविक कीट नियंत्रण (Biological Pest Control): हानिकारक कीटों को नियंत्रित करने के लिए मित्र कीटों, पक्षियों और प्राकृतिक कीटनाशकों (जैसे नीम का तेल) का उपयोग करना।

2. जैविक खेती के लाभ

  • पर्यावरणीय लाभ: यह मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करता है, जल प्रदूषण को कम करता है, और जैव विविधता को बढ़ावा देता है।
  • स्वास्थ्य लाभ: जैविक उत्पादों में हानिकारक कीटनाशकों के अवशेष नहीं होते हैं, जो उन्हें उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षित बनाते हैं।
  • आर्थिक लाभ: हालांकि प्रारंभिक उपज कम हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह खेती की लागत को कम करता है क्योंकि महंगे रासायनिक आदानों की आवश्यकता नहीं होती है। जैविक उत्पादों का बाजार मूल्य भी अधिक होता है।
  • टिकाऊ कृषि: यह मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए कृषि को टिकाऊ बनाता है।

3. भारत में सरकारी पहल (Government Initiatives)

भारत सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चला रही है:

योजना का नाम मुख्य उद्देश्य और प्रावधान
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) यह एक क्लस्टर-आधारित कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत, किसानों को जैविक आदान खरीदने, प्रमाणन (certification) और विपणन (marketing) के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
मिशन ऑर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ ईस्टर्न रीजन (MOVCDNER) यह योजना विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए है। इसका उद्देश्य जैविक उत्पादों के लिए बीज से लेकर बाजार तक एक मूल्य श्रृंखला (value chain) विकसित करना है, जिसमें प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग शामिल है।
जैविक खेती पोर्टल यह एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जहाँ किसान सीधे उपभोक्ताओं को अपने जैविक उत्पाद बेच सकते हैं।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना हालांकि यह सीधे तौर पर जैविक योजना नहीं है, लेकिन यह किसानों को उनकी मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में बताकर उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देती है, जो जैविक खेती की दिशा में एक कदम है।

महत्वपूर्ण तथ्य: सिक्किम को 2016 में भारत का (और दुनिया का) पहला पूर्ण जैविक राज्य घोषित किया गया था।

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