मनोहर श्याम जोशी: संक्षिप्त परिचय
मनोहर श्याम जोशी (1933-2006) आधुनिक हिंदी साहित्य के एक प्रतिष्ठित गद्यकार, उपन्यासकार, पत्रकार और पटकथा लेखक थे। उन्हें भारतीय टेलीविजन के “सोप ओपेरा” का जनक माना जाता है। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से मध्यवर्गीय समाज की विडंबनाओं और जीवन की वास्तविकताओं को अत्यंत सजीव ढंग से प्रस्तुत किया।
- जन्म: 9 अगस्त 1933, अजमेर (राजस्थान)।
- मूल निवास: अल्मोड़ा, कुमाऊँ (उत्तराखंड)।
- मृत्यु: 30 मार्च 2006, दिल्ली।
- शिक्षा: लखनऊ विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक (B.Sc.)।
साहित्यिक योगदान और प्रमुख रचनाएँ
जोशी जी की लेखन शैली में व्यंग्य और यथार्थ का अनूठा मिश्रण मिलता है। उन्होंने कुमाऊँनी संस्कृति और भाषा का अपनी रचनाओं में प्रभावी प्रयोग किया।
प्रमुख उपन्यास
- कुरु कुरु स्वाहा: यह उनका पहला उपन्यास माना जाता है, जिसमें मुंबई के जीवन का चित्रण है।
- कसप: एक प्रेम कथा जो कुमाऊँनी परिवेश पर आधारित है।
- क्यप: इस उपन्यास के लिए उन्हें वर्ष 2005 का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया।
- हरिया हरक्यूलिस की हैरानी: इसमें आधुनिक समाज के अंतर्विरोधों को दिखाया गया है।
- अन्य रचनाएँ: हमज़ाद, ट-टा प्रोफ़ेसर, कौन हूँ मैं।
व्यंग्य और संस्मरण
- नेताजी कहिन: यह एक प्रसिद्ध राजनीतिक व्यंग्य है।
- लखनऊ मेरा लखनऊ: लखनऊ के सांस्कृतिक जीवन पर आधारित संस्मरण।
- पश्चिमी जर्मनी पर उड़ती नजर: उनका महत्वपूर्ण यात्रा वृत्तांत।
टेलीविजन और पटकथा लेखन
मनोहर श्याम जोशी ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास में क्रांति ला दी। उन्होंने दूरदर्शन के लिए कई कालजयी धारावाहिकों की पटकथा लिखी।
प्रमुख धारावाहिक:
- हम लोग (1984): यह भारत का पहला सोप ओपेरा था, जिसने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
- बुनियाद (1986): भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी पर आधारित यह धारावाहिक अत्यंत लोकप्रिय हुआ।
- मुंगेरीलाल के हसीन सपने: एक मध्यमवर्गीय व्यक्ति की आकांक्षाओं पर आधारित व्यंग्यात्मक धारावाहिक।
- अन्य: कक्काजी कहिन, हमराही, ज़मीन आसमान, गाथा।
पत्रकारिता और संपादन
साहित्य और टीवी के साथ-साथ जोशी जी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया:
- उन्होंने प्रसिद्ध पत्रिका ‘साप्ताहिक हिंदुस्तान’ का संपादन किया।
- वे ‘दिनमान’ पत्रिका से भी जुड़े रहे।
- उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) में भी अपनी सेवाएँ दीं।
पुरस्कार और सम्मान
- साहित्य अकादमी पुरस्कार (2005): उपन्यास ‘क्यप’ के लिए।
- शरद जोशी सम्मान (मध्य प्रदेश सरकार द्वारा व्यंग्य लेखन के लिए)।
- शिखर सम्मान।


